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उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटियो के नाम ✅✅✅ medicine in uttrakhand - Uttarakhand HuB

Medicinal plant in uttarakhand jadi buti uttarakhand and uses in hindi use of himalayan plant medicinal plant

उत्तराखण्ड की जड़ी बूटी का हिंदी में उपयोग हिमालयी जड़ी बूटियों का इस्तेमाल के साथ ही हिंदी में जानकारी उत्तराखण्ड की फेमस जड़ी बूटियों के नाम मेडिसिनल पौधे हिंदी में

उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटियों की भरमार पर जानकारी की कमी की वजह से बाजार से अंग्रेजी दवाइयां खरीदने को मजबूर भोटिया जनजाति के लोगो को होती उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटियां की अच्छी जानकारी उदाहरण गौचर मेले में इन्ही जड़ी-बूटियों को बेचकर कमाते अच्छे पैसे आपको भी चाहिए उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटियो को जानकारी
उत्तराखण्ड हिमालयी राज्य है जिसे आदिकाल से ही सुन्दर दृश्य व औषधियों का घर माना जाता है परन्तु अंग्रेजी दवा के प्रचलन के कारण आज आयुर्वेदिक ज्ञान गौण माना जाने लगा है पूर्व में लोग रोगों का इलाज इन्ही जड़ी-बुटियों से करते थे और मजे की बात तो ये है की इनका कोई साइड इफ़ेक्ट नही होता भले ही दवा का असर धीरे-धीरे होता है परन्तु असरदार होता है !
और आज की मॉडर्न दवाइयां भी इन्ही हिमालयी पौधो की देन है जिसे लोग खुशी-ख़ुशी बाजार से खरीद लेते हैं |
उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटियां
कुछ हिमालयी औषधिय पौधे
पौधो के नाम
Plant name
वैज्ञानिक नाम
Scientific name
उपयोग
(use)
ब्राह्मी
सेन्टेला ऐसीपेटिका
ब्राह्मी पत्तियों का प्रयोग कब्ज,और मस्तिष्क के लिए टोनिक का कार्य करता है
मासी
नारडोस्टेकिस जटामासी
जड़ो का उपयोग मिर्गी और वायु रोगों में लाभप्रद
कड़वी                      
गर्मी दूर करने , झांस के साथ पिने से पीलिया में लाभप्रद
धान
ओराइजा सटाइवा
स्टार्च की कमी को दूर करने में
कौणी
सिटोरिया ईन्टोलिका
दादरा रोग में उपयोगी
रती
एब्रस प्रिकेटोरियस
कफ,दमा,ज्वर में जड़ तथा पत्तियां सहायक
तुलसी
औसिमम सैटम
पतियों से अपच ,खांसी दूर और फोड़ेफुन्सी पर लगाया जाता है
दालचीनी/तेजपत्ता
सोनोमोमम
कोलेस्ट्रोल संतुलित करने में सहायक
राजमा
फैसिओलसवोल्गोरिस
अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है
किरमोडा/कनिगोड़
वरवेरिस ऐसीपेटिका
छोटे कोपले वात पित्त में लाभदायक
झंगोरा
इफाइनो क्लोआ फ्रुमेंटेसिया
पीलिया रोग में उपयोगी
तिमरु
जैन्थोजाइलम अलेटम
कफ,खांसी,वायु सम्बन्धी रोग,बीज का उपयोग दांत दर्द में किया जाता है
दाड़िम
पुनिका ग्रेनटम
जुकाम और कफ में फल और छिलका काम में आता है
पुदिना
मेंथा अर्वेंसिस
पेट सम्बन्धी विकार दूर करने में
मेथी
ट्राईगोनेलाइमोड़ी
पतियों को पिसकर मोच या जख्म पर लगाया जाता है
कीड़ा जड़ी
कोर्डिसेप्स सैनोंसिस
ताकत बढ़ाने में
आंवला
इम्बिलिभा आफिसिनेल
कफ में लाभदायक एवं विटामिन सी. अधिक मात्रा में पाया जाता है
गहथ
मैक्रोटाईलोमा उनिलोरम
पथरी में उपयोगी
मंडुवा/कोदा
एल्युसिन कोरना
डायबिटीज में उपयोगी और केल्शियम भी अधिक मात्रा में पाया जाता है
दूब
साईनोडोन डेक्टाइलोन
मुह में छाले,पत्तियों के रस का प्रयोग शहद और ब्राह्मी के साथ दमा में लाभदायक
फाफर
फैगो पाईरम टाटारिकम
कोलेस्ट्रोल को संतुलित करता है
रीठा
सैपिन्डस म्युक्रोसाई
सर के जूं हटाने ,फलो से कपड़े धोने ,और जानवरों के नाक से जूं निकालने में
बेडू                       
फाइकस पाल्माटा
कटे स्थाने पर लगाने से जल्दी ठीक हो जाता है
सिल्पाड़ी
डाईबिटीज के रोग में लाभदायक
कटकी
पिक्रोराईजा कुरुआ
पेट दर्द और बुखार में उपयोगी
फरण
एलियम स्ट्रेच
पत्तियां सुखाकर नमक के साथ घाव पर लगते हैं
चौलाई
इमेरेन्थस रूटीन
से कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करता है
जंगली जीरा
कैरम कावी
अपच में लाभदायक

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