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झंकारेश्वर महादेव, चमोली - Uttarakhand HuB

झंकारेश्वर महादेव केवल चट्टानों के खण्डों से निर्मित गुफा चमोली गैरसैंण खनसर बाईपास रोड झंकारेश्वर महादेव मन्दिर खनसर Jhankareshwar mahadev chamoli khansar made by big rock segments

झंकारेश्वर महादेव मन्दिर सड़क से लगभग 2 से 3 किमी. दूर एक गुफा रूप में बड़े – बड़े चट्टानों से निर्मित भगवान शिव का मन्दिर है मन्दिर के लिए लोगों की विशेष आस्था है मेले का भी होता है आयोजन

झंकारेश्वर महादेव सड़क मार्ग

झंकारेश्वर महादेव उत्तराखण्ड के चमोली जिले के गैरसैंण ब्लॉक में स्थित है गैरसैंण जो की उत्तराखण्ड की अस्थाई ग्रीष्म कालीन राजधानी है से नजदीक ही मेहलचौरी चौखुटिया बाईपास रोड़ पर यह मन्दिर स्थित है यहां सड़क पर ही आपको झंकारेश्वर महादेव मन्दिर एवं राजकीय ईण्टर कॉलेज लाटूगैर का गेट आसानी से दिखाई दे जायेगा आप यहां से आसानी से पैदल लगभग 2 से 3 किमी. दूरी तय कर झंकारेश्वर महादेव मन्दिर तक पहुंच सकते हैं मन्दिर खड़ी चढ़ाई और जंगल के बीच है तथा ऊंचे स्थान पर मन्दिर होने की वजह से सुन्दर प्राकृतिक नजारों का आनन्द आप आसानी से ले पायेंगे।

देहरादून से चमोली

देहरादून – ऋषिकेश – पौड़ी – रुद्रप्रयाग – चमोली

कुमाऊं से चमोली

कुमाऊं – अल्मोड़ा – चमोली

Gic latugair

झंकारेश्वर महादेव मन्दिर

झंकारेश्वर महादेव गैरसैंण का मन्दिर पैदल सड़क मार्ग से मात्र 2 – 3 किमी. की दूरी पर ऊपर की ओर स्थित है यह मार्ग खड़ी चढ़ाई पर स्थित है जहां से आसपास के मनमोहक दृश्य आसानी से देखे जा सकते हैं झंकारेश्वर महादेव का यह मन्दिर अपने आप में विशेष महत्व रखता है जिसका कारण मन्दिर का विशेष स्वरूप है प्रायः मन्दिर पत्थरों पर विशेष नक्काशी, चित्र, या पत्थरों से बनाये जाते हैं परन्तु यह मन्दिर प्राकृतिक रूप से निर्मित गुफा रूप में निर्मित है जिस कारण मन्दिर और भी रोचक हो जाता है।

मेहलचौरी

झंकारेश्वर मन्दिर के नजदीक पहुंचते ही आपको बड़ी – बड़ी चट्टाने स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेंगी जिन्हे देखकर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे क्योंकि इन्ही बड़ी – बड़ी चट्टानों के बीच यह मन्दिर स्थित है मन्दिर के सम्मुख एक प्रवेश द्वार है जहां से मन्दिर प्रांगण शुरू होता है मन्दिर प्रांगण के दूसरे छोर पर गुफा का द्वार है द्वार से आप अन्दर की ओर देखेंगे तो आपको अनेक आकृतियां नजर आयेंगी इन आकृतियों से जुड़ी अनेक बातें कही जाती हैं ये आकृतियां देखने में सर्प सी दिखाई देती हैं और मन्दिर के अन्दर पानी के स्त्रोत हैं जिनसे पानी निकलता रहता है।

यहां शिवरात्रि के समय भक्तों का तांता लगा रहता है साथ ही नजदीकी क्षेत्रों से अनेक लोग यहां दर्शन के लिए आते रहते हैं जिससे साफ है कि मन्दिर में स्थानीय लोगो की विशेष आस्था है यहां से नजदीकी स्थान नैणी, कालीमाटी, माईथान, मेहलचौरी, चौखुटिया, गैरसैंण इत्यादि हैं, एवं झंकारेश्वर महादेव में मेले का भी आयोजन होता है जिसमे आसपास के लोग बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं स्थानीय लोग मन्दिर के दर्शन व देखरेख का कार्य स्वतः ही करते हैं।

झंकारेश्वर महादेव खनसर से जुड़े सुझाव व जानकारी

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लाटू देवता मल्ली स्यूणी

1 thought on “झंकारेश्वर महादेव, चमोली

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